यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता। दर्द, सूजन या दवा के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
गठिया (अर्थराइटिस) में हाथों की उंगलियां, कलाई और कंधे दर्द और अकड़न से भरे होते हैं। छोटे बटन लगाना, ज़िप चढ़ाना, हुक बंद करना और कपड़े सिर से निकालना रोज़ के बड़े कामों में गिने जाते हैं। लेकिन थोड़े बदलाव से यह काफ़ी आसान हो सकता है।
असल दिक्कत कपड़े नहीं, बंद करने के तरीके हैं
गठिया के मरीजों को कपड़ा पहनना नहीं, उसे बंद करना सबसे ज़्यादा परेशान करता है। छोटे बटन, ज़िप के नन्हे पुल, हुक-आई और नाड़ा, सबके लिए उंगलियों की बारीक पकड़ चाहिए, जो गठिया में कमज़ोर हो जाती है।
सुबह की अकड़न के लिए
गठिया में सुबह जोड़ सबसे ज़्यादा अकड़े होते हैं। इस समय कपड़े पहनना और भी कठिन होता है। कई लोगों को गुनगुने पानी से नहाने के बाद जोड़ ढीले लगते हैं, तब कपड़े पहनना आसान रहता है। अपने डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें कि आपके लिए क्या ठीक है।
क्या ढूंढें
- वेल्क्रो या आगे से खुलने वाले कपड़े। बड़े वेल्क्रो को हथेली से दबाया जा सकता है, उंगलियों की पकड़ ज़रूरी नहीं। महिलाओं के लिए आगे से खुलने वाला कुर्ता और नाइटी, और पुरुषों के लिए साइड-ओपन टी-शर्ट उपयोगी हैं।
- इलास्टिक कमर वाला पजामा। नाड़ा और हुक की जगह इसे बस ऊपर खींचा जा सकता है। कूल्हे या घुटने में गठिया हो तो साइड-ओपन पजामा बिना पैर ऊपर उठाए पहना जा सकता है।
- ढीला और नरम सूती कपड़ा। सूजन वाले जोड़ों पर कसा हुआ कपड़ा दर्द बढ़ाता है।
- चौड़ी आस्तीन। कंधे और कोहनी में कम हरकत में भी हाथ आसानी से अंदर जाता है।
पहनने के आसान तरीके
- हमेशा बैठकर कपड़े पहनें, ताकि संतुलन की चिंता न रहे।
- पहले अकड़े या दर्द वाले हाथ या पैर को कपड़े में डालें और उतारते समय उसे आखिर में निकालें।
- एक बार में कम परतें पहनें।
- जूते-चप्पल बिना फ़ीते वाले या वेल्क्रो वाले चुनें।
- ज़रूरत हो तो बटन लगाने के सहायक उपकरण जैसे बटन हुक के बारे में अपने फिज़ियोथेरेपिस्ट या ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट से पूछें।
फ्लेयर वाले दिन
गठिया में कुछ दिन दर्द बहुत बढ़ जाता है। ऐसे दिनों के लिए कुछ आसान कपड़े अलग रखें, जिन्हें बिना सोचे पहना जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गठिया के मरीज के लिए कौन से कपड़े सबसे अच्छे हैं?
वेल्क्रो या आगे से खुलने वाले, ढीले, नरम सूती कपड़े और इलास्टिक कमर वाला पजामा, जिनमें छोटे बटन या ज़िप की ज़रूरत न हो।
गठिया में बटन क्यों नहीं लगते?
उंगलियों के जोड़ों में दर्द और अकड़न से बारीक पकड़ कमज़ोर हो जाती है, इसलिए छोटे बटन और हुक पकड़ना कठिन होता है।
अगर हाथों में नहीं, घुटने में गठिया हो तो भी ऐसे कपड़े काम के हैं?
हां। घुटने या कूल्हे के गठिया में पैर ऊपर उठाना दर्दनाक होता है, इसलिए साइड-ओपन पजामा या ढीला इलास्टिक वाला कपड़ा आसान रहता है।
सुबह कपड़े पहनना क्यों कठिन होता है?
गठिया में सुबह जोड़ सबसे ज़्यादा अकड़े होते हैं। अपने डॉक्टर से पूछें कि इसे कैसे कम किया जाए।
Aasra टीम की ओर से: यही गाइड अंग्रेज़ी में Dressing With Arthritis नाम से उपलब्ध है।

