यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता। पेशाब या मल पर नियंत्रण कम होना कई कारणों से हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से जांच करवाएं।
बुजुर्गों में पेशाब या मल पर नियंत्रण कम होना (इनकांटिनेंस) आम है, पर इस बारे में कम बात की जाती है। परिवार के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि कपड़े बदलना बार-बार करना पड़ता है और हर बार पूरे कपड़े उतारने में मरीज को तकलीफ़ और शर्मिंदगी होती है। सही कपड़े इसे तेज़, आसान और गरिमापूर्ण बना सकते हैं।
समस्या असल में कपड़े उतारने की है
अक्सर परेशानी पेशाब या मल से नहीं, बार-बार पूरा कपड़ा उतारकर दोबारा पहनाने से होती है। बिस्तर पर पड़े या कम चल-फिर पाने वाले मरीज के लिए यह शारीरिक रूप से कठिन है, और देखभाल करने वाले की पीठ पर भी ज़ोर पड़ता है।
कौन से कपड़े बदलाव आसान बनाते हैं
- साइड-ओपन पजामा या शॉर्ट्स। दोनों पैरों की पूरी लंबाई पर वेल्क्रो होता है, इसलिए पैर उठाए या पजामा उतारे बिना खोलकर डायपर या पैड बदला जा सकता है। साइड-ओपन पजामा और टियरअवे शॉर्ट्स इसी तरह के हैं।
- आगे से खुलने वाली नाइटी। महिलाओं के लिए फ्रंट-ओपन नाइटी बिस्तर पर पड़े पड़े बदली जा सकती है।
- नरम सूती कपड़ा। यह हवा आने देता है और त्वचा पर नरम रहता है।
- इलास्टिक वाली ढीली कमर जो पैड या डायपर पर दबाव न डाले
डायपर के ऊपर क्या पहनें
डायपर के ऊपर ढीला कपड़ा पहनें, ताकि डायपर के उभार पर कपड़ा न कसे। बहुत तंग कपड़ा डायपर को खिसका सकता है और त्वचा पर रगड़ पैदा कर सकता है। डायपर के प्रकार और साइज़ के बारे में हमारा बुजुर्गों के लिए एडल्ट डायपर लेख देखें।
त्वचा की देखभाल
- गीले या गंदे कपड़े और डायपर जल्दी बदलें, क्योंकि लंबे समय तक गीली त्वचा पर चकत्ते और घाव हो सकते हैं।
- त्वचा को साफ़ और सूखा रखें, और ज़रूरत हो तो डॉक्टर या नर्स से क्रीम के बारे में पूछें।
- नरम सूती कपड़े पसंद करें, सिंथेटिक कपड़े नमी और गर्मी रोकते हैं।
रात में
रात में बार-बार उठना मरीज और देखभाल करने वाले दोनों को थका देता है। ढीला साइड-ओपन पजामा और आगे से खुलने वाली नाइटी रात के बदलाव को आसान बनाते हैं। बिस्तर पर वाटरप्रूफ़ शीट या अंडरपैड रखना भी मदद करता है।
कपड़े कितने रखें
इनकांटिनेंस में कपड़े ज़्यादा बार बदलने पड़ते हैं। कम से कम चार से छह सेट रखें, ताकि रोज़ धुलाई के बीच कमी न पड़े।
गरिमा का ध्यान
बदलाव के समय कमरे का दरवाज़ा बंद रखें, मरीज को तौलिये या चादर से ढकें और शांत तरीके से बात करें। शर्मिंदगी कम करने से मरीज का सहयोग बेहतर होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इनकांटिनेंस वाले बुजुर्गों के लिए कौन से कपड़े सबसे अच्छे हैं?
साइड-ओपन पजामा या शॉर्ट्स, आगे से खुलने वाली नाइटी और नरम सूती, ढीले कपड़े, जिन्हें बिना पूरे उतारे बदला जा सके।
पजामा उतारे बिना डायपर कैसे बदलें?
साइड-ओपन पजामे में पैर की पूरी लंबाई पर वेल्क्रो होता है। उसे खोलकर बिना पैर उठाए डायपर या पैड बदला जा सकता है।
कितने कपड़े रखने चाहिए?
कम से कम चार से छह सेट, क्योंकि इनकांटिनेंस में बदलाव ज़्यादा बार करने पड़ते हैं।
रात में सबसे आसान क्या है?
साइड-ओपन पजामा या आगे से खुलने वाली नाइटी, और बिस्तर पर वाटरप्रूफ़ अंडरपैड।
Aasra टीम की ओर से: यही गाइड अंग्रेज़ी में Incontinence-Friendly Clothing in India नाम से उपलब्ध है।


