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डिमेंशिया या अल्ज़ाइमर वाले बुजुर्ग को कपड़े कैसे पहनाएं: बिना झगड़े और घबराहट के

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यह लेख देखभाल करने वालों के लिए सामान्य सुझावों का है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता। व्यवहार में अचानक बदलाव हो तो अपने डॉक्टर से बात करें।

डिमेंशिया या अल्ज़ाइमर वाले माता-पिता को कपड़े पहनाना कई परिवारों के लिए रोज़ की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होता है। वे कपड़े पहनने से मना कर सकते हैं, घबरा सकते हैं, गलत क्रम में पहन सकते हैं, या बार-बार उतार देते हैं। यह जिद नहीं, बीमारी का असर है। सही तरीके और कपड़े से तनाव काफ़ी कम हो सकता है।

ऐसा क्यों होता है

  • चीज़ों का क्रम याद रखना कठिन हो जाता है, जैसे पहले अंदर के कपड़े, फिर ऊपर के।
  • बटन, ज़िप और हुक की समझ और पकड़ कमज़ोर हो जाती है।
  • बहुत सारे विकल्प उलझन पैदा करते हैं।
  • कोई छूता है तो डर या असहजता महसूस हो सकती है।
  • कपड़े का कसाव, चुभन या गर्मी भी चिड़चिड़ाहट बढ़ा सकती है, जिसे वे बता नहीं पाते।

पहनाने के आसान तरीके

  • विकल्प कम रखें। दो कपड़े सामने रखें और पूछें, "यह पहनेंगे या वह?" पूरी अलमारी दिखाने से उलझन बढ़ती है।
  • कपड़े क्रम से रखें। जो पहले पहनना है वह ऊपर और जो बाद में है वह नीचे।
  • एक बार में एक निर्देश दें। "यह हाथ डालिए", फिर "अब दूसरा हाथ", धीरे और शांत आवाज़ में।
  • जल्दबाज़ी न करें। पर्याप्त समय रखें और शांत माहौल बनाएं।
  • जितना वे खुद कर सकें, करने दें। इससे सम्मान और आत्मविश्वास बना रहता है।
  • सही समय चुनें। दिन का वह समय जब वे सबसे शांत और सतर्क रहते हैं।

कैसे कपड़े आसान रहते हैं

  • आगे से खुलने वाले वेल्क्रो के कपड़े। बटन और ज़िप की समस्या नहीं रहती और कपड़ा सिर के ऊपर से नहीं खींचना पड़ता, जो कई लोगों को घबराहट देता है। फ्रंट-ओपन नाइटी, कुर्ता और साइड-ओपन टी-शर्ट इसके उदाहरण हैं।
  • इलास्टिक कमर वाला ढीला पजामा जिसमें नाड़ा या बेल्ट बांधने की ज़रूरत नहीं
  • नरम सूती कपड़ा। चुभन या सख़्त टैग उन्हें परेशान कर सकते हैं।
  • वही पसंदीदा और जाने-पहचाने कपड़े। एक जैसे रंग और डिज़ाइन के कई सेट रखने से रोज़ का फ़ैसला आसान होता है।

अगर वे कपड़े उतार देते हैं

यह कई बार असहजता से होता है, जैसे गर्मी, कसाव, पेशाब की ज़रूरत या कोई चुभन। उन्हें डांटें नहीं। कारण ढूंढें, जैसे कपड़ा कसा है या चुभ रहा है, और ज़रूरत हो तो डॉक्टर से बात करें।

पेशाब-शौच की दिक्कत हो तो

बीमारी बढ़ने पर पेशाब या शौच पर नियंत्रण कम हो सकता है। साइड-ओपन पजामे से बिना पूरी तरह उतारे बदलाव आसान हो जाता है और गरिमा बनी रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डिमेंशिया वाले मरीज कपड़े पहनने से मना क्यों करते हैं?

बीमारी के कारण चीज़ों का क्रम समझना कठिन होता है, और कपड़े का कसाव, घबराहट या असहजता भी कारण हो सकते हैं। यह ज़िद नहीं, बीमारी का असर है।

डिमेंशिया के मरीज के लिए कौन से कपड़े अच्छे हैं?

आगे से खुलने वाले, नरम सूती, ढीले और इलास्टिक कमर वाले कपड़े, बिना बटन और ज़िप के।

अगर वे बार-बार कपड़े उतार दें तो क्या करें?

डांटें नहीं। कारण देखें जैसे गर्मी, कसाव या चुभन, और ज़रूरत हो तो डॉक्टर से बात करें।

कितने विकल्प देने चाहिए?

दो विकल्प काफ़ी हैं। ज़्यादा विकल्प उलझन बढ़ाते हैं।

Aasra टीम की ओर से: यही गाइड अंग्रेज़ी में Dressing a Parent With Dementia नाम से उपलब्ध है।

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